STORYMIRROR

आनंद कुमार

Romance

4  

आनंद कुमार

Romance

हम भूल गये है

हम भूल गये है

1 min
317

चाहते हैं तुम्हें इस कदर,

कि बस बताने का अंदाज, हम भूल गये है।


दिल का चैन चुरा लिया है तुमने इस कदर,

कि दिल को धड़काये कैसे, ये राज हम भूल गये है?


खामोश हो तुम इस कदर,

कि खुद से होती थी कैसे बात, ये हम भूल गये है?


लम्हे बीते है तुम्हारे साथ इस कदर,

कि सदियों की तलाश, हम भूल गये है।


मरहम हो तुम मेरे लिए इस कदर,

कि मर्ज क्या थी ये बात, हम भूल गये है?


तुम्हारी आरज़ू है जहन में है इस कदर,

कि अब सारे जमाने की याद, हम भूल गये है।


खोये है तुम में कुछ इस कदर,

कि तुम्हें बतानी थी जो बात, वो हम भूल गये है।


मशरुफ है दिल कुछ तुम मे इस कदर,

कि दिल का हाल तुमसे छिपाना हम भूल गये है।


यादें तुम्हारी सताती है इस कदर,

कि तड़प है तुम्हारी, हम जताना भूल गये है।


तुम्हारे साथ जीये है कुछ लम्हे इस कदर,

कि मौत आयी थी ले जाने, हम जाना भूल गये है।


इश्क किया था टूट के तुमसे कुछ इस कदर ,

कि नफ़रत का पैमाना है क्या, ये हम भूल गये है?


अश्कों में दर्द छलका है कुछ इस कदर,

कि दर्द को भी भुलाना, हम भूल गये है।


याद रोज आती है तुम्हारी इस कदर,

कि यादों को दिल से मिटाना, हम भूल गये है।


रूठे है तुम्हारे लिए खुद से इस कदर,

कि तुम बिन अपना ठिकाना, हम भूल गये है।"


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance