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Supriya Devkar

Tragedy Others

3  

Supriya Devkar

Tragedy Others

हकीकत

हकीकत

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202

जिंदगी की हकीकत को

झुठला नहीं सकते

हम छूट गये पलों को 

भूला नहीं सकते


रंग बदलती दुनिया में 

लाखों चेहरे है नये

कितने गये राह में भटक 

कितने घुल मिल गये 


अंजान थे जबतक 

तो थे हम खुशहाल 

जीवन का सार समझ के 

हो गये हम बेहाल 


खुशियों को पाना मतलब 

लड़ाई जीतकर आना है 

सपनों के दम पर अपने 

हमें ही पूरा करना है 


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