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Abhishek Singh

Tragedy

3  

Abhishek Singh

Tragedy

बिन फेरे हम तेरे..

बिन फेरे हम तेरे..

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बिन फेरे हम तेरे हुए,

ना समाज की यहाँ मंजूरी है,

मांग बेशक़ तेरी अधूरी है।


फिर भी रंगे ये दिल कहीं गहरा है,

जो प्यार से ही तो भरा है।


काश समाज को ये मंज़ूर होता,

तो वो इश्क़ आज हमारा होता।


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