STORYMIRROR

Abhishek Singh

Abstract

3  

Abhishek Singh

Abstract

समुद्र एक कविता

समुद्र एक कविता

1 min
1.2K

समुद्र एक कविता है 

जो हर अंजुम का राज़ छुपाती है

भर दरिया आँसुओं का

लहरों पे मुस्कुराती है


कभी सुकून तो कभी जुम्बिश

बहा किनारे लाती है

समुद्र एक कविता है

जो सबका राज़ छुपाती है


गर्त में कहीं उठा है तूफ़ान

सतह पे आ चमचमाती है

समुद्र एक कविता है

जो ख़ुद का दर्द पी जाती है!


जुम्बिश -हलचल



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract