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Vandana Srivastava

Inspirational

4  

Vandana Srivastava

Inspirational

हिसाब होगा

हिसाब होगा

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जो कहते हैं लड़की है कमजोर है इससे नहीं होगा,

आज से अब हर उस आवाज का हिसाब होगा..!!


बॉंध सके तुम क्या मुझको बहती नदिया के धार को,

शॉंत हूं तब तक जब तक कोई ललकारे ना मुझको,

धरती सी मैं क्षमा की देवी तो धर रौद्र रूप संहार हूं ,

हॉं हॉं पहचान मुझे मैं ही देवी मैं शक्ति का संचार हूं ,

जो कहते हैं लड़की है कमजोर है इससे नहीं होगा,

आज से अब हर उस आवाज का हिसाब होगा..!!


कितनी पीड़ा सहकर भी एक जीवन सृजन करती हूं,

होती हूं अपमानित फिर भी सम्मान सभी का करती हूं,

सबके लिये हूं अवांछित पर खुद की जगह बनाती हूं ,

हॉं हॉं पहचान मुझे मैं ही देवी कल्याणी करती उपकार हूं,

जो कहते हैं लड़की है कमजोर है इससे नहीं होगा,

आज से अब हर उस आवाज का हिसाब होगा..!!


सरकती हैं निगाहें तन पर मेरे गिद्धों की नज़रें हैं मुझपे,

छीन झपट कर लपक लपक कर करना चाहें टुकड़े मेरे,

नहीं बैठूंगी घर में छिपकर मैं भी वार करूंगी पलटकर,

हॉं हॉं पहचान मुझे मैं ही देवी काली करती संहार हूं ,

जो कहते हैं लड़की है कमजोर है इससे नहीं होगा,

आज से अब हर उस आवाज का हिसाब होगा..!!


ममतामयी करूण हृदय संग मैं भी अब भरती हुंकार हूं ,

अबला जो समझ रहे हैं मुझको उनके लिये प्रतिकार हूं ,

रौंदती हूं शिलाखण्ड को सिंधु में उठता हुआ उबाल हूं ,

हॉं हॉं पहचान मुझे मैं ही देवी दुर्गा करती पलट प्रहार हूं,

जो कहते हैं लड़की है कमजोर है इससे नहीं होगा,

आज से अब हर उस आवाज का हिसाब होगा..!!


अन्याय की भाषा का अब सबको जवाब देना होगा,

मेरी उन्मुक्त हंसी पर अब से अभी से कोई पहरा ना होगा ,

स्वयं को कर सुसज्जित करना है अपनी राह प्रज्जवलित,

हॉं हॉं पहचान मुझे मैं ही देवी सरस्वती ज्ञान का भंडार हूं,

जो कहते हैं लड़की है कमजोर है इससे नहीं होगा,

आज से अब हर उस आवाज का हिसाब होगा..!!


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