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Abasaheb Mhaske

Tragedy Action Inspirational

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Abasaheb Mhaske

Tragedy Action Inspirational

हौसले भी बुलंद हैं

हौसले भी बुलंद हैं

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हम तो रही हैं उस मंजिल के

आता पता हैं न कोई खता

सच्चाई के राहो थके हारे

टँगा पलटी और घोड़े फरार


कोई बात नहीं सबकुछ तो तय हैं

फिर किस बात का भय हैं ?

हम तो लड़ेंगे चाहे राह में

कितनेभी क्यों न हो रोड़े


क्या हुवा घंंनघोर घटा छाई हैं ?

कितनी कुर्बानिया दी तब

आजादी पायी हैं पुरखोने हमारे

हम पूरा करेंगे उनका सपना सलोना


रास्ता भी हैं मंजिल भी हैं हिम्मत भी

मौका भी दोस्त भी हैं जान कुर्बान करने 

हौसले भी बुलंद हैं आखिर जीत हमारी

सत्य परेशान हो सकता हैं पराजित नहीं।


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