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अच्युतं केशवं

Abstract

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अच्युतं केशवं

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हैं सुने नाराज हों मेरी बला

हैं सुने नाराज हों मेरी बला

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हैं सुने नाराज हो मेरी बला से

या कृपालू आज तो मेरी बला से


दें प्रशंसा ताज तो मेरी बला से

गालियों की गाज तो मेरी बला से


करें मेरे काज तो मेरी बला से

कोढ़ में हों खाज तो मेरी बला से


करें हम पर नाज तो मेरी बला से

या कहें लफ्फाज तो मेरी बला से


जो रखें वे लाज तो मेरी बला से

खोल दें सब राज तो मेरी बला से।


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