Kalpesh Vyas
Romance
न चैन है ना करार है,
नींद आँखों से फ़रार है
उन से मिलने के लिए,
दिल ये बेक़रार है
लबों पर इनकार है,
आँखों में इकरार है
कैसी बेखूदी है ये,
कैसा ये खूमार है
जाग उठी इस दिल में,
चाहत भी बेशुमार है
बैरी पानी
आज-कल की जिंद...
प्रेम
..ना किया।
इश्क का दस्तू...
...तुम हो!
ग्रंथसुमन
...है जरूरी।
चोरी चोरी प्र...
कॉरोना का डर
मेरी पलकें नई नवेली सी शर्मा कर झुक जाती हैं मैं खुशकिस्मत हूँ मेरी पलकें नई नवेली सी शर्मा कर झुक जाती हैं मैं खुशकिस्मत हूँ
था मंद मंद समीर बह रहा, शीतलता लिए थी चांदनी। था मंद मंद समीर बह रहा, शीतलता लिए थी चांदनी।
चंचल झरने सी चंचलता उसमें, रूह को सुकून देती है जो, चंचल झरने सी चंचलता उसमें, रूह को सुकून देती है जो,
तो मुझे मंजूर है मोहब्बत में ऐ मेरे खुदा मुझे मौत भी मिल जाये तो मुझे मंजूर है मोहब्बत में ऐ मेरे खुदा मुझे मौत भी मिल जाये
हंसी की तरह उनके लबों पर ठहरती रही जैसे उसकी हर खुशियों की वजह मैं ही रही हंसी की तरह उनके लबों पर ठहरती रही जैसे उसकी हर खुशियों की वजह मैं ही रही
मेरे ही दिये रूमाल से पोंछ अश्रु कण तेरे नयनों का तोड़ेंगे और तुझे मेरे ही दिये रूमाल से पोंछ अश्रु कण तेरे नयनों का तोड़ेंगे और तुझे
जिसके लिए मैं कभी, यूँ दीवाना था जैसे बरसते मौसम का, आवारा बादल जिसके लिए मैं कभी, यूँ दीवाना था जैसे बरसते मौसम का, आवारा बादल
बनकर पत्थर तू तोड़ दे मुझे शीशे की तरह राह मे तेरे मैं चलता रहूँगा मुसाफिर की तरह। बनकर पत्थर तू तोड़ दे मुझे शीशे की तरह राह मे तेरे मैं चलता रहूँगा मुसाफिर की ...
गुलदान में सजे फूलों से घर का हर कोना महक जाता था। गुलदान में सजे फूलों से घर का हर कोना महक जाता था।
हमसाये हो हमराज हो जब तुम हो सर्वत्र फिर मैं अकेला कहाँ हूँ ? हमसाये हो हमराज हो जब तुम हो सर्वत्र फिर मैं अकेला कहाँ हूँ ?
बखेर आयी खुशियां परीक्षा पूर्ण प्रेम की समा जाओ मेरी बाहों में खो जाओ मुझ में" बखेर आयी खुशियां परीक्षा पूर्ण प्रेम की समा जाओ मेरी बाहों में खो ...
जब हुई मुलाकात मूक नयनों से इशारे कर गई वो. जब हुई मुलाकात मूक नयनों से इशारे कर गई वो.
दूर न रहो है गर इश्क , तुम्हे तो इज़हार करो। हमे तुम जरा समझो , थोड़ा तो एतबार करो।। दूर न रहो है गर इश्क , तुम्हे तो इज़हार करो। हमे तुम जरा समझो , थोड़ा तो एतबार...
फिर सोचती हूँ इस बहाने कोई रिश्ता फिर से ना जुड़ जाए… . फिर सोचती हूँ इस बहाने कोई रिश्ता फिर से ना जुड़ जाए… .
ये दिल हर बात को छुपाता बहुत है दिखता नहीं पर दिल से उसे अपनाता बहुत है । ये दिल हर बात को छुपाता बहुत है दिखता नहीं पर दिल से उसे अपनाता बहुत है ।
तुम्हें क्या उपहार दूँ आज जो सबसे कीमती न सही सबसे अलग हो. तुम्हें क्या उपहार दूँ आज जो सबसे कीमती न सही सबसे अलग हो.
फिर अपने बालों को नोचूँ, मैं भी अपनी किस्मत कोसूं। फिर अपने बालों को नोचूँ, मैं भी अपनी किस्मत कोसूं।
खामोश रहकर भी इश्क को बदनाम करते हैं कुछ लोग, हम बदनामी से नहीं डरते हम तो फिदा हैं उ खामोश रहकर भी इश्क को बदनाम करते हैं कुछ लोग, हम बदनामी से नहीं डरते हम तो फ...
गीत तुम्हीं पर गाऊँ मैं। पल पल तुम्हें रिझाऊँ मैं॥ गीत तुम्हीं पर गाऊँ मैं। पल पल तुम्हें रिझाऊँ मैं॥
हाल ही में हमारे पड़ोस में एक बूढ़े सज्जन रहने आए। 😊 - काफी खुशमिजाज और जवां दिल लगते। हाल ही में हमारे पड़ोस में एक बूढ़े सज्जन रहने आए। 😊 - काफी खुशमिजाज और जवां द...