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Kalpesh Vyas

Romance

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Kalpesh Vyas

Romance

हाल-ए-दिल

हाल-ए-दिल

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न चैन है ना करार है, 

नींद आँखों से फ़रार है 


उन से मिलने के लिए, 

दिल ये बेक़रार है 

लबों पर इनकार है, 

आँखों में इकरार है 


कैसी बेखूदी है ये, 

कैसा ये खूमार है 

जाग उठी इस दिल में, 

चाहत भी बेशुमार है 



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