प्रदीप कुमार दाश "दीपक"
Drama
तेरी छुवन
मन बगर गया
मानो बसंत।
कुक व धूप
दिशाएँ इठलातीं
बसंत रूप।
कलियाँ खिलीं
बसंत को रिझाने
कोंपलें फूटीं।
बसंत रूप
जीवन यौवन में
प्रचण्ड धूप।
बसंती राग
प्रीत के गीत गाते
होली व फाग।
कली चटकी
भौंरे थे मतवाले
महक लुटी।
~ हाइकु : वसं...
बासंती प्रीत
~ बसंती धूप ~
हाइकु : बासंत...
ऋतु वसंत
~ सेदोका वसंत...
ताँका : वसंत
हाइकु : वसंत
बचपन की याद
दिसंबर में मन को नहाना न भाता, वो ठंडी वो दादी का खांसी से नाता, वो सर्द हवाओं से जैकेट बचाता। दिसंबर में मन को नहाना न भाता, वो ठंडी वो दादी का खांसी से नाता, वो सर्द ह...
अचानक भरोसा लिपट पड़ा पांवों में बूढ़ाती उम्र ठट्ठा कर हँस पड़ी अचानक भरोसा लिपट पड़ा पांवों में बूढ़ाती उम्र ठट्ठा कर हँस पड़ी
पाकर ख़ुशियाँ बदले में सुख समृद्धि देगी। पाकर ख़ुशियाँ बदले में सुख समृद्धि देगी।
दांव पे लगाने को जब कुछ भी ना था बाकी, जीतने का एक अरमाँ था वो अरमाँ था बाकी। दांव पे लगाने को जब कुछ भी ना था बाकी, जीतने का एक अरमाँ था वो अरमाँ था बाकी।
हमारी मनमानी को लोग अय्याशी समझ बैठें, हमारी सच्चाई को लोग परछाई समझ बैठें, बस अब औऱ... हमारी मनमानी को लोग अय्याशी समझ बैठें, हमारी सच्चाई को लोग परछाई समझ...
आई नई पीढ़ी, हुआ वही संग्राम, हमें क्या मिला ? दो कमरों का मकान। आई नई पीढ़ी, हुआ वही संग्राम, हमें क्या मिला ? दो कमरों का मकान।
काश इसकी, आदत से पहले, इसकी कोई, दवा मिल जाए। काश इसकी, आदत से पहले, इसकी कोई, दवा मिल जाए।
मरने से पहले उनके हिस्से में भी एक पुण्य का काम गिना जाये। मरने से पहले उनके हिस्से में भी एक पुण्य का काम गिना जाये।
अब जो और नासमझी की तुमने, अब जो तुम्हारी नियत में आई खोट। तो हम अब और सहेंगे नहीं, पड़ेगी तु... अब जो और नासमझी की तुमने, अब जो तुम्हारी नियत में आई खोट। तो हम अब और सहें...
अब तो हवा के झोंके से भी डर लगता है। अब तो हवा के झोंके से भी डर लगता है।
जहां थी मेरी हर पल की वो खुशी क्यों अब दर दर सी अब भटक रही। जहां थी मेरी हर पल की वो खुशी क्यों अब दर दर सी अब भटक रही।
ठंडे-ठंडे मौसम में, अन्तर्मन भी ठंडक से हिलोरें लेने लगता है बारिश मे भीगने का अलग ही मज़ा है। ठंडे-ठंडे मौसम में, अन्तर्मन भी ठंडक से हिलोरें लेने लगता है बारिश मे भीग...
जब मुसाफ़िर हुई तीरगी दिल के दीपक जलाने लगे ! जब मुसाफ़िर हुई तीरगी दिल के दीपक जलाने लगे !
करना है याद तो जी के कर, जी ले हर आता एक पल। बारिश, बादल और यादों को, कर खुद को अर्पण हो नि... करना है याद तो जी के कर, जी ले हर आता एक पल। बारिश, बादल और यादों को, क...
जिससे चमक रहा है ये दिल और क़ैद है नफ़्स की वो हरकतें जो मचलती थी कल तक तुम्हे देखकर। जिससे चमक रहा है ये दिल और क़ैद है नफ़्स की वो हरकतें जो मचलती थी कल तक त...
उल्लासित रंग लाई है आखिर टीम वर्क की अनोखी अदा इस अजेय रिकॉर्ड कायम रखने पर विश्व में सब ... उल्लासित रंग लाई है आखिर टीम वर्क की अनोखी अदा इस अजेय रिकॉर्ड कायम रखने ...
ना कोई गम ना कोई हमदम बस हम और बरसात का संग। ना कोई गम ना कोई हमदम बस हम और बरसात का संग।
दर्द मुझे भी होता था, पर मैं सम्भल जाता, मुझसे शादी करती, सब सपने पूरा करवाता... ! दर्द मुझे भी होता था, पर मैं सम्भल जाता, मुझसे शादी करती, सब सपन...
आज दिल की अदालत में ! आज दिल की अदालत में !
हम तो राहों से भटके मुसाफिर यारो सितारे बुलंद कभी थे ही ना हमारे सच्चाई की राहों पर थके हारे... हम तो राहों से भटके मुसाफिर यारो सितारे बुलंद कभी थे ही ना हमारे सच्चाई ...