STORYMIRROR

प्रदीप कुमार दाश "दीपक"

Abstract

3  

प्रदीप कुमार दाश "दीपक"

Abstract

~ हाइकु : वसंत ~

~ हाइकु : वसंत ~

1 min
169

बासंती प्रीत 

बावरा मधुकर 

कूजे कोयल।


भीनी सुगंध 

फूल संग भ्रमर

लगाया अंग।


अमुवा डाल

महकती मंजरी

कूक निहाल।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract