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Shailaja Bhattad

Abstract

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Shailaja Bhattad

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गुरु

गुरु

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शीश झुकाए 

मेरा अभिनंदन

गुरु वंदन।


गुरु शरण 

महका है जीवन

गुरु वंदन।

गुरु शरण। 


गुरु का आशीर्वाद

गुरु का साथ।

ज्ञान के दाता। 

गुरु भाग्यविधाता। 


शरण में हूं।

गुरु शरण।

महका है जीवन। 

अभिनंदन गुरु करते। 


नई दृष्टि की वृष्टि।

ज्ञान की ज्योति।


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