STORYMIRROR

karan ahirwar

Drama Thriller

4  

karan ahirwar

Drama Thriller

गुफ्तगू

गुफ्तगू

1 min
214

गुफ्तगू को आगे बढ़े

शब्द समाप्त लानत बढ़े


मेरी मजबूरियां ने मुझे खड़े रखा 

बरना कौन शौक से आयत पढ़े


तेरी सीरत में बो कमाल का जादू

तू गिरे तो सबसे पहले मैं हाथ दूं


तेरे सहारे ही तो मैंने भी चलना शुरू किया

तू ही अब मुझे बोले मैं क्यों तेरा साथ दूं


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama