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मधुशिल्पी Shilpi Saxena

Tragedy

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मधुशिल्पी Shilpi Saxena

Tragedy

गुमशुदा ज़िन्दगी

गुमशुदा ज़िन्दगी

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हो चली है गुमशुदा ज़िन्दगी 

न ही किसी की चाह हूँ


न ही किसी की तलाश हूँ

अपनो की ठुकराई हूँ


जिनकी दुलारी थी कभी

जान से प्यारी थी कभी


आज उन्हीं अपनों की नज़र में

बेवजह और बेकार हूँ।


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