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मधुशिल्पी Shilpi Saxena

Romance

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मधुशिल्पी Shilpi Saxena

Romance

कही अनकही

कही अनकही

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कही अनकही बातें वो

हमारी आँखों की गहराई से समझ लेते

लेकिन तकदीर मे है मीलों की जुदाई

इसीलिए इल्तिजा है उनसे

पढ़ लो न शब्दों मे छिपी गहराई

हो सके तो कोशिश करना

अल्फ़ाज़ों को सुनकर समझने की

बाँधने लगी है कशिश तुम्हारी

अनजाने ही इस रुह को.


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