Shailaja Bhattad
Abstract
सब तरफ से ईंटें उठती रही
हम थे कि अनजान ही बने रहे।
अब फूलों से रास्ते सजते हैं
कभी-कभी तो गुलदस्ते भी मिलते हैं।
शिव-शिव
सत्संग
श्री राम
सबकी होली
जयश्री राम
ओम नमः शिवाय
श्री राम ध्या...
हे प्रभु
जय जय श्रीराम...
चार छः दिन , ननिहाल रह कर, पोता घर लौटा । धड़धड़ाते हुए सीधे दादा से मिलने पहुँचा। चार छः दिन , ननिहाल रह कर, पोता घर लौटा । धड़धड़ाते हुए सीधे दादा से ...
नसीहतों, हिदायतों से ऊबा हुआ है दिल सच्ची लगे जो दिल को वो बात कहो न। नसीहतों, हिदायतों से ऊबा हुआ है दिल सच्ची लगे जो दिल को वो बात कहो न।
घमंड गुरूर का घर है पैसा आज पास तो कल नहीं पैसा कहते हैं दादा और हैं नानी । घमंड गुरूर का घर है पैसा आज पास तो कल नहीं पैसा कहते हैं दादा और हैं न...
जितनी कोमल है उतनी ही घातक उसकी वाणी है। जितनी कोमल है उतनी ही घातक उसकी वाणी है।
कमी निकालने के लिए तो ज़माने भर के लोग है फिर क्यो खुद मे कमी निकाले हम।। कमी निकालने के लिए तो ज़माने भर के लोग है फिर क्यो खुद मे कमी निकाले हम।।
उनकी ना हो हार, नित्य जो करते मेहनत। उनकी ना हो हार, नित्य जो करते मेहनत।
आम औरतों की तरह, खुद को संवारना नहीं जानती थी। आम औरतों की तरह, खुद को संवारना नहीं जानती थी।
गर्मी की तपन से विचलित मन को, पेड़ की शीतल छाँव हम दिलाएं। हरी भरी धरती। गर्मी की तपन से विचलित मन को, पेड़ की शीतल छाँव हम दिलाएं। हरी भरी धरती।
नहीं मिलता जब उसे झंझोड़ देता हूँ। नहीं मिलता जब उसे झंझोड़ देता हूँ।
चलो चले हम भी उड़कर, बादलों के पार, करने जीवन से अभिसार। चलो चले हम भी उड़कर, बादलों के पार, करने जीवन से अभिसार।
कच्चे आम की बातें आज मेरे गाँव की यह सौगात। कच्चे आम की बातें आज मेरे गाँव की यह सौगात।
सबसे अलग सबसे जुदा सबसे निराला अंदाज तुम्हारे प्यार का नजराना है। सबसे अलग सबसे जुदा सबसे निराला अंदाज तुम्हारे प्यार का नजराना है।
झूठ ही कहना था झूठ अच्छा हैं उनका। झूठ ही कहना था झूठ अच्छा हैं उनका।
कोयले की तरह जीवन भर जलना चाहते हैं कि हीरे की तरह जगमगाना चाहते हैं। कोयले की तरह जीवन भर जलना चाहते हैं कि हीरे की तरह जगमगाना चाहते हैं।
अलविदा न कहो, वरन आओ पुनः लेकर नयी सुबह बदले में। अलविदा न कहो, वरन आओ पुनः लेकर नयी सुबह बदले में।
बिखेर देंगे पुनः, चहुओर प्रेम का गुरुत्व। बिखेर देंगे पुनः, चहुओर प्रेम का गुरुत्व।
इक छोटी सी फुलझड़ी, खुशियों की जलाा आए। इक छोटी सी फुलझड़ी, खुशियों की जलाा आए।
कठिनाई सहे बिना, इंसान के अच्छे दिन नहीं आते...!! कठिनाई सहे बिना, इंसान के अच्छे दिन नहीं आते...!!
दोपहर हुई अब तो सूरज भी ऊपर चढ़ गया , सूरज की किरणों ने जब छत पर डाला डेरा। दोपहर हुई अब तो सूरज भी ऊपर चढ़ गया , सूरज की किरणों ने जब छत पर डाला डेरा।
मेरा जीवन सजा रहे हो तुम। प्यार ऐसे निभा रहे हो तुम। मेरा जीवन सजा रहे हो तुम। प्यार ऐसे निभा रहे हो तुम।