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Bhavna Sharma

Romance

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Bhavna Sharma

Romance

गुजरे हुए पल

गुजरे हुए पल

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गुजरे हुए पल तनहाई के, साथ होते ही याद बन जाते हैं।

बिखरे हुए मोती फिर से एक होकर,हार बन जाते हैं।

जैसे ही आँखों से

आँसू बहते हैं।


वो एक किताब बन जाते हैं।

आँसूऔ की बूँदें, जैसे ही शब्दों पर गिरते ही।

मानों उन शब्दों में प्राण भर जाते हैं।

गुजरे...

थोड़ा पास आकर,

फिर दूर जाते ही हतास कर जाते हैं।


लाख कोशिशें करने पर भी हम 

उन पलों को छू नहीं पाते,

लेकिन तसवीर बन कर,

हमारी आँखों के कैमरे में कैद हों जाते हैं।


गुजरे....

वो गुजरे हुए पल

हमारी मुट्ठी में बन्द नहीं होते,

लेकिन हमारे मन मे,अपने लिए एक अलग सी जगह कर जाते हैं।

गुजरे...


कुछ समय के लिए,

वो पल हमारे मन में,

घी के दीप जला जाते हैं,

और हमारी नींदें उडाकर,

खुद चादर तान के सौ जाते हैं।।


गुजरे हुए पल, तन्हाई के साथ होते ही याद बन जाते हैं।


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