अनामिका वैश्य आईना Anamika Vaish Aina
Horror Romance Tragedy
मध्य हमारे कोई न हो
बीच इशारे कोई न हो..
दौड़े आना नज़दीक रे
साथ-सहारे कोई न हो..
रह पकड़े हाथों को मिरे
भाव किनारे कोई न हो..
बंदिश तोड़े आना चले
थाम सँवारे कोई न हो..
आवाज़ मुझे देना सखे
बोल-पुकारे कोई न हो..।
बसंत ऋतु
देश भक्ति गीत
आंखों में बसे...
बिजली सी गिर ...
बहुरूपिया
माँ - मुक्तक
गीत अधूरा
डगर
मैं हिन्दी हू...
हिन्दी पर हाइ...
अब तो सीधी रोड़ में भी है टक्कर सफर के मुसाफिर। अब तो सीधी रोड़ में भी है टक्कर सफर के मुसाफिर।
अरे बाप रे, आयी मुसीबत कह कर, वो चिल्लाया। अरे बाप रे, आयी मुसीबत कह कर, वो चिल्लाया।
बढ़ती कमी को महसूस किया और अपने परिवार को अपना समय दिया। बढ़ती कमी को महसूस किया और अपने परिवार को अपना समय दिया।
ये जिंदगी शायद मैंने पछतावे में गुज़र ली। ये जिंदगी शायद मैंने पछतावे में गुज़र ली।
हार कर अब नियति मान बैठी है इसको अनकहे भावों की दास्तां वही पुरानी है। हार कर अब नियति मान बैठी है इसको अनकहे भावों की दास्तां वही पुरानी है।
दीबा है मेरा नाम मेरे रुप कई हैं हूँ धूप कहीँ और कहीँ सावन की झड़ी हूँ दीबा है मेरा नाम मेरे रुप कई हैं हूँ धूप कहीँ और कहीँ सावन की झड़ी ...
टिप- टिप बरसा पानी, भूतों को याद आ गई नानी। टिप- टिप बरसा पानी, भूतों को याद आ गई नानी।
धड़कने बढ़ने लगीं जब धुंधला दिखने लगा साया धड़कने बढ़ने लगीं जब धुंधला दिखने लगा साया
लहू का रूप हो गया लाल, हृदय ने आंसू ढरकाए। लहू का रूप हो गया लाल, हृदय ने आंसू ढरकाए।
आदमी की ज़िंदगी है जैसे माटी का खिलौना टूट जाये तो जुड़ना आसान नही है। आदमी की ज़िंदगी है जैसे माटी का खिलौना टूट जाये तो जुड़ना आसान नही है।
अटकी साँस हमारी ऐसे जैसे बचेगी जान नहीं अटकी साँस हमारी ऐसे जैसे बचेगी जान नहीं
उसने एक बच्चे को बहलाया-फुसलाया, और एकांत कमरे में जाकर मारकर खाया। उसने एक बच्चे को बहलाया-फुसलाया, और एकांत कमरे में जाकर मारकर खाया।
पर रहेंगी इतिहास में ये कहानी एक टैक्स ऐसा भी जिसके लिए सति हुआ पुरूष, बलिदान हुई न पर रहेंगी इतिहास में ये कहानी एक टैक्स ऐसा भी जिसके लिए सति हुआ पुरूष, ...
जिस दिन कलम छूट जाये, लगता हूं जगत बड़ा अनाथ। जिस दिन कलम छूट जाये, लगता हूं जगत बड़ा अनाथ।
जैसे ही कुछ कदम उठाए हम दोनों ने, अचानक एक काली बिल्ली सामने आई। जैसे ही कुछ कदम उठाए हम दोनों ने, अचानक एक काली बिल्ली सामने आई।
रात के साए में एक सफेद साया है, जाने कितने शरीरों को इसने एक साया बनाया है। रात के साए में एक सफेद साया है, जाने कितने शरीरों को इसने एक साया बनाया है।
विसर्जन के बाद बस कुछ पल मौन ही साथ होता है। विसर्जन के बाद बस कुछ पल मौन ही साथ होता है।
एक सच्चे देशभक्त की, यह सच्ची कहानी है। एक सच्चे देशभक्त की, यह सच्ची कहानी है।
मेरी नींद खुल गई और ये एक भयानक सपना ही था। मेरी नींद खुल गई और ये एक भयानक सपना ही था।
होगा"ज्ञानू गोपाल"जल्दी, मरना तेरा। मान लो............. होगा"ज्ञानू गोपाल"जल्दी, मरना तेरा। मान लो.............