अनामिका वैश्य आईना Anamika Vaish Aina
Horror Romance Tragedy
मध्य हमारे कोई न हो
बीच इशारे कोई न हो..
दौड़े आना नज़दीक रे
साथ-सहारे कोई न हो..
रह पकड़े हाथों को मिरे
भाव किनारे कोई न हो..
बंदिश तोड़े आना चले
थाम सँवारे कोई न हो..
आवाज़ मुझे देना सखे
बोल-पुकारे कोई न हो..।
बसंत ऋतु
देश भक्ति गीत
आंखों में बसे...
बिजली सी गिर ...
बहुरूपिया
माँ - मुक्तक
गीत अधूरा
डगर
मैं हिन्दी हू...
हिन्दी पर हाइ...
जल, थल, नभ सर्वत्र इंसानी करतब लोभ, लालच में भूल चुका रिश्ते, सब जल, थल, नभ सर्वत्र इंसानी करतब लोभ, लालच में भूल चुका रिश्ते, सब
कौन सी रात ज्यादा भयानक थी , मैं समझ नहीं पाऊं।। कौन सी रात ज्यादा भयानक थी , मैं समझ नहीं पाऊं।।
अपराध और रात का एक अजीब सा नाता है रात का सन्नाटा अपराध की कहानी सुनाता है। अपराध और रात का एक अजीब सा नाता है रात का सन्नाटा अपराध की कहानी सुनाता है।
हे मानव, माँग रहा उधार मैं अपना वापस मुझे लौटा दो करके कोई जतन हमें इन खूनियों से बचा लो । हे मानव, माँग रहा उधार मैं अपना वापस मुझे लौटा दो करके कोई जतन हमें इन खूनिय...
टिप- टिप बरसा पानी, भूतों को याद आ गई नानी। टिप- टिप बरसा पानी, भूतों को याद आ गई नानी।
नितिन कहता है।" मैं भी बकरे का मटन खाऊंगा विथ फ्राइड राइस,!! वीरेन कहता है," चिकन मसाल नितिन कहता है।" मैं भी बकरे का मटन खाऊंगा विथ फ्राइड राइस,!! वीरेन कहता है," ...
यूँ बड़ी मैं क्यूँ हुई के सब लुटेरे बन गए यूँ बड़ी मैं क्यूँ हुई के सब लुटेरे बन गए
आंखें खुल गई/अब मैं भयमुक्त थी तुम्हारा हाथ मेरे हाथों में था। आंखें खुल गई/अब मैं भयमुक्त थी तुम्हारा हाथ मेरे हाथों में था।
कहते हैं अब वो युवक भी उस वीराने का हिस्सा है। कहते हैं अब वो युवक भी उस वीराने का हिस्सा है।
विह्वल सब अश्रु बहाते थे, अपनों की चिता जलाते थे, विह्वल सब अश्रु बहाते थे, अपनों की चिता जलाते थे,
रात में बिना डरे सफर करे निडर हो कर घर सलामत आ सके तभी मेरे भारत की स्वच्छ छवि जीवित रात में बिना डरे सफर करे निडर हो कर घर सलामत आ सके तभी मेरे भारत की स्वच्छ छ...
मैं दर्द लिखने बैठा, मगर उसे लिख ना सका। मैं दर्द लिखने बैठा, मगर उसे लिख ना सका।
कभी कभी तो सचमुच में वो हमको बीवी जैसी लगती है। कभी कभी तो सचमुच में वो हमको बीवी जैसी लगती है।
प्रकृति से खिलवाड़ का सबक बर्बादी का ये मंजर मिला। प्रकृति से खिलवाड़ का सबक बर्बादी का ये मंजर मिला।
पर इस घटना ने दोनों के दिमाग पर गहरा असर किया है। पर इस घटना ने दोनों के दिमाग पर गहरा असर किया है।
वो तितली पकड़ना फिर सावधानी से छोड़ देना क्या कला थी, पेड़ पर लटकना चढ़ना नदी में नहाना दो वो तितली पकड़ना फिर सावधानी से छोड़ देना क्या कला थी, पेड़ पर लटकना चढ़ना नदी में...
वो उस बियावान को भयाक्रांत कर देती है अपने रुग्ण विलाप से वो उस बियावान को भयाक्रांत कर देती है अपने रुग्ण विलाप से
हवा की सरसराहट के बीच, कुछ आवाज़ बाहर से थी आई तन ठिठुरा, हाथ कांपते, फिर मैंने भी एक हवा की सरसराहट के बीच, कुछ आवाज़ बाहर से थी आई तन ठिठुरा, हाथ कांपते, फिर मैं...
हाथ में पेंसिल इरेज़र लिए भेड़िए खड़े है। हाथ में पेंसिल इरेज़र लिए भेड़िए खड़े है।
माननीय आविष्कार और मानव की भूल से हुआ हादसा करुण। माननीय आविष्कार और मानव की भूल से हुआ हादसा करुण।