STORYMIRROR

Vishu Tiwari

Romance

4  

Vishu Tiwari

Romance

ग़ज़ल

ग़ज़ल

1 min
14

हम भी क्या जिंदगी गुजार गए

दिल की बाजी लगी तो हार गए


शुक्र है ज़िंदगी तबाह न की 

कोशिशें की मगर बे-कार गए


बारिशों में भी रोज़ जलते रहे

खुशबू-ए-जां धुएं निजार गए 


जिंदगी मेरी क़त्ल करती रही

मौत से मिलके हम तो यार गए 


साथ मेरा सभी ने छोड़ दिया 

दिल के आगे वो दिल से हार गए 


हादसे दिन ब दिन ही बढ़ते रहे

साल दर साल हद से पार गए


सिर झुका भी नहीं ख़ुदा के सिवा

वक्त के फैसले हज़ार गए


तू वही और महफ़िलें वो विशू 

चैन छीना दिल-ए-करार गए।


ഈ കണ്ടെൻറ്റിനെ റേറ്റ് ചെയ്യുക
ലോഗിൻ

Similar hindi poem from Romance