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Vishu Tiwari

Abstract Classics Inspirational

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Vishu Tiwari

Abstract Classics Inspirational

मोटिवेशनल गीत

मोटिवेशनल गीत

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पलकों के कोरों पर मैंने सुन्दर एक तस्वीर रखी है 
संकल्पों से कदमों को नित संघर्षों के तीर रखी है 

पथरीली राहों ने चाहा मन विचलित करना मेरा 
कांटों ने भी मिलकर चाहा पथ बाधित करना मेरा 
पग-छालों ने मुस्कराकर बोल उठे मन धीर रखी है 
पलकों के कोरों पर मैंने सुन्दर एक तस्वीर रखी है

छायेगा घनघोर अंधेरा और निराशा हाथ लगेगी 
छाएंगे जो ग़म के बादल,ये दुनिया तो साथ न देगी 
तुफानों में आशाओं की ज्योति देख जला रखी है 
पलकों के कोरों पर मैंने सुन्दर एक तस्वीर रखी है 
संकल्पों से कदमों को नित संघर्षों के तीर रखी है 

चाहें रोके पर्वत रस्ता, चाहें तुफां भी टकराएं 
ना घबराना बाधाओं से मिलकर क़दम बढ़ाते जाएं 
लड़ना होगा, बढ़ना होगा, कैसी मन में पीर रखी है 
पलकों के कोरों पर मैंने सुन्दर एक तस्वीर रखी है 

दूर नहीं है दिल्ली प्यारे चलते जाना, थक ना जाना
छोड़ो बीती बात पुरानी सोचसोचकर क्या पछताना 
कोई लक्ष्य अभेद्य नहीं है उठा हाथ शमशीर रखी है 
पलकों के कोरों पर मैंने सुन्दर एक तस्वीर रखी है
कुमार विशू ✍️ 


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