STORYMIRROR

Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI डॉक्टर सगीर अहमद सिद्दीकी

Romance

4  

Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI डॉक्टर सगीर अहमद सिद्दीकी

Romance

ग़ज़ल

ग़ज़ल

1 min
589

दिल जिस ने चुराया है वह होशियार तो होगा।

जब चोट लगेगी तो दिल बेदार तो होगा ।


तू मेरी अमानत है तू ही मेरी ख्वाहिश।

मौत से पहले कभी दीदार तो होगा।


हमदर्द सभी तेरे लगते हैं यह दीवाने।

अनार चाहता है जो बीमार तो होगा ।


शाखें भी लचक जाती है अकसर ही फल पाकर ।

फल पाने तक मंजिल मगर दुश्वार तो होगा।


तेरे हुस्न का गम्माज तेरी प्यारी सी आंखें।

तुझ पे हैं जा निसार तो दिलदार तो होगा।


कुछ होगी जराफत सगीर उनके दिलों में।

नफरत का जो महल है वह मिसमार तो होगा।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance