एक सवाल उठा जेहन में
एक सवाल उठा जेहन में
एक सवाल जो लगभग हर स्त्री के जेहन में है
उसे उसने कहा नहीं क्यूंकि रखा उसे रेहन में है !
वह पूछना चाहती है...
जब तुम्हारे दिल में उठता सवाल बेशक
कि स्त्री पुरूष से नहीं है कम ...!
फिर क्यूं नहीं उसे मिले समानता का हक?
जब उसे अपनी सहचरी और अर्धांगिनी मानते हो
तो फिर उसके सम्मान का दिया
उसके संग क्यों नहीं बालते हो ?
