STORYMIRROR

Kavita Sharrma

Abstract Inspirational

4  

Kavita Sharrma

Abstract Inspirational

एक शख्सियत

एक शख्सियत

1 min
19

कुछ लोग अपनी छाप जाने के बाद भी छोड़ जाते हैं

जीवन अपना समाज को समर्पित कर जाते हैं

ईश्वर रचता है ऐसी शख्सियत लाखों में एक

उनके निस्वार्थ कामों की चर्चा करता है प्रत्येक

विवेकानंद भी एक ऐसा ख़ास व्यक्तित्व थे

युवा शक्ति को जोड़ उन्होंने पुनर्निर्माण किया

भारत की संस्कृति का विश्व में सम्मान नाम किया

अपनी धरती से जुड़े थे देश पर अभिमान था 

युवाओं को जोड़ा उन्होंने सही मार्ग चुना उन्होंने

निस्वार्थ भाव से मातृभूमि से देशप्रेम किया उन्होंने

भगवा चोला प्रतीक बना विदेश में परचम लहरा

करतल ध्वनि से सारा आलम उनके सम्मान में था झुका

सीखें हम उनके व्यक्तित्व से देश पर अभिमान हो

अपनी संस्कृति पर हमें गर्व और विश्वास हो।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract