A passionate writer, thinker who translates thoughts into words.
क्योंकि अन्न कहीं भी पड़ोसा गया हो वह अन्नपूर्णा (प्रकृति) के दिए हुए प्रसाद के समान है क्योंकि अन्न कहीं भी पड़ोसा गया हो वह अन्नपूर्णा (प्रकृति) के दिए हुए प्रसाद के ...
शिक्षक दिवस के अवसर पर स्कूलद्वारा अपने शिक्षकों को शुभकामनाएं देता एक खुला पत्र। बहुत ही सही शब्दों... शिक्षक दिवस के अवसर पर स्कूलद्वारा अपने शिक्षकों को शुभकामनाएं देता एक खुला पत्र...
निया रोज दरवाजे पर उसका इंतजार करती निया रोज दरवाजे पर उसका इंतजार करती
कलियुुग ने हमारी सोचने -समझने की क्षमता को भ्रमित कर दिया है। कलियुुग ने हमारी सोचने -समझने की क्षमता को भ्रमित कर दिया है।
हमारे लौकिक शिष्टाचार में कुछ आदतों का बदलाव भी आवश्यक हो गया है। हमारे लौकिक शिष्टाचार में कुछ आदतों का बदलाव भी आवश्यक हो गया है।
अतीत में ऐसे कितने अवसर आए जिनको मैंने यूं ही जाने दिया। अतीत में ऐसे कितने अवसर आए जिनको मैंने यूं ही जाने दिया।
क्या किसी विश्वयुद्ध में ऐसा हुआ होगा कि लाशों पर रोने वाला भी कोई ना हो। क्या किसी विश्वयुद्ध में ऐसा हुआ होगा कि लाशों पर रोने वाला भी कोई ना हो।
जिससे उन्होंने काफी संघर्ष किया, लेकिन उबर नहीं पाए । जिससे उन्होंने काफी संघर्ष किया, लेकिन उबर नहीं पाए ।
लेकिन आज इस आंधी को घर की बालकनी और खिड़कियों से देख रही हूं, तो ये कितनी सिरहन दे रही लेकिन आज इस आंधी को घर की बालकनी और खिड़कियों से देख रही हूं, तो ये कितनी सिरहन ...
और हां, एक सेल्यूट तो इन नन्हें फरिश्तों को भी बनता है। और हां, एक सेल्यूट तो इन नन्हें फरिश्तों को भी बनता है।