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Jitendra Meena

Tragedy

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Jitendra Meena

Tragedy

एक पत्रकार

एक पत्रकार

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एक पत्रकार जनता की

आवाज उठा देता है

मगर फिर भी वो

खुद ही हार जाता है

अपनी आवाज उठाने के

लिये उसे रोना बिलखना

पडता है ।।



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