STORYMIRROR

Jitendra Meena

Others

3  

Jitendra Meena

Others

अकेला हूँ

अकेला हूँ

1 min
160

आदत नहीं है फिर भी मुस्कुरा लेता हूँ 

गमों के बादलों को छुपा लेता हूँ।


आदत नहीं है फिर भी हंस लेता हूँ 

दुखों को हँसकर के छुपा लेता हूँ।


नहीं चाहता था दुखों को छुपाना

लोग हँसेंगे इसी डर से छुपा लेता हूँ।


नहीं चाहता था मैं अकेला रहना

लोग मजाक बनायेंगे अकेला रह लेता हूँ।


मैं भी चाहता हूँ खेलना कूदना 

बड़े है लोग यहाँ अकेला ही कर लेता हूँ।


मैं भी चाहता हूँ लोगों के साथ हंसना

लोग पागल समझेंगे अकेला हंस लेता हूँ।



Rate this content
Log in