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Kishan Negi

Abstract Inspirational

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Kishan Negi

Abstract Inspirational

एक नए अध्याय की शुरुआत करें

एक नए अध्याय की शुरुआत करें

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चलो आज 

इश्क मोहब्बत के पन्नों को बंद करके 

कुछ और बात करें

कुछ अनछुए अहसास 

कुछ अनकहे किस्सों की परतें खोलकर

कुछ नया करते हैं 

देखो ये बहकी बहकी-सी मादक बयार

कोई मधुर धुन गुनगुना रही है

शबनम के मोतियों की माला पहने

हरी दूब कैसे मुस्कुरा रही है

भोर की पहली अंगड़ाई करके इशारे

गुलाब की पंखुड़ियों को 

गहरी नींद से जगा रही हैं

फिर भला कोयल क्यों चुप रहे 

अमुआ की डाल पर बैठकर

कोई नई सरगम छेड़ रही है 

श्यामल घटा आलस की चादर फेंककर

सावन का इन्तज़ार करती है

जाड़ों की नरम धूप 

शीतल हवाओं को ललकार रही है

क्यों न हम और तुम भी

एक दूजे की बांहों में समाकर एक हो जाएँ

जैसे क्षितिज में धरती और आकाश 

कलरव करते पंछी, झूमते सरसों के खेत

इठलाती गेहूँ की सुनहरी बालियाँ 

कितने उल्लसित, कितने प्रफुल्लित हैं आज

चलो कुदरत के कण-कण में लगाकर डुबकी

जिन्दगी के हसीन पलों को 

अपनी आंखों में करके क़ैद 

एक नए अध्याय की शुरुआत करें।



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