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Heena Punjabi

Tragedy Inspirational


4.0  

Heena Punjabi

Tragedy Inspirational


एक किसान की व्यथा

एक किसान की व्यथा

1 min 60 1 min 60

पूरे जगत का पेट पालकर पालनहार बनता है;

नाम उसका किसान कहलाता है। 


तपती धूप में हल चलाने से कभी नहीं घबराता है;

लेकिन जीवनभर लगन चुकाता रह जाता है। 

आंधी तूफानों से भी जूझ कर फसल बोता है;

पर फिर भी फसलों का सही दाम नहीं मिल पाता है। 


अपने उज्जवल भविष्य के लिए नई सरकार का इंतजार किया करता है;

लेकिन खुद ही सरकारी सियासतों के चंगुल में फस कर रह जाता है।

छोटे से मकान में रहने में कभी नहीं हिचकिचाता है;

किंतु अपनी पूरी जिंदगी किश्ते भरने में ही व्यतीत कर देता है। 

यूं तो कृषि उत्पादों को विदेश भेजा जाता है व्यवसाय के लिए;

लेकिन आज का किसान कल आज और आने वाले समय में किसान बनकर ही रह जाता है। 


 यूँ तो अपनी पूरी बचत फसलें उगा देने में लगा देता है;

फिर भी हर साल किसान आत्महत्या की राह पर चल बैठते हैं। 

पूरे जगत की भूख मिटाते मिटाते खुद ही भूखा रह जाता है;

क्या वाकई में किसान का सम्मान सिर्फ कागज़ के टुकड़े पे रह जाता है ? 


मत कुचलो किसानों के सपनों को बेरहमी से इतना;

क्या पता इतिहास के पन्ने में रह जाए केवल अस्तित्व उसका। 


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