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VIVEK ROUSHAN

Tragedy


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VIVEK ROUSHAN

Tragedy


एक दूधपीता बच्चा

एक दूधपीता बच्चा

1 min 490 1 min 490

एक दूधपीता बच्चा

अपनी माँ को जगा रहा है

उसे नहीं खबर है की

उसकी माँ मर चुकी है

उसे नहीं खबर है की

रोटी की भूख ने उसकी

माँ की जान ले ली

राजा के अहंकार ने उसकी

माँ की जान ले ली

उसे नहीं खबर है की

धर्म और जाती के नशे में

फँसा एक समाज उसकी

माँ के मौत का कारन है

यह सब कोई सिनेमा का

इमोशनल सीन नहीं है

यह कोई कविता भी नहीं है

यह हकीकत है दुनिया के

एक सबसे बड़े लोकतंत्र की !


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