STORYMIRROR

Amit Singhal "Aseemit"

Abstract Drama Romance

4  

Amit Singhal "Aseemit"

Abstract Drama Romance

एक बात कहूं

एक बात कहूं

1 min
381

एक बात कहूं, लाजवाब हो तुम।

मेरी हकीकत, मेरा ख़्वाब हो तुम।


तुम मेरे पास हो, तुम मेरी हो।

यक़ीन नहीं होता मुझे ख़ुद पर।

खु़द पर तो यक़ीन कर भी लूं।

यक़ीन नहीं होता मुझे क़िस्मत पर।


तुम मेरे लिए बहुत ख़ास हो।

तुम सर्वगुण संपन्न हो, तुम पूरी हो।

तुम्हारे बिना तो अब लगता है जैसे।

मेरी हर बात, मेरी ज़िंदगी अधूरी हो।


एक बात कहूं, लाजवाब हो तुम।

मेरी हक़ीक़त, मेरा ख़्वाब हो तुम।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract