STORYMIRROR

Shanti Prakash

Romance

2  

Shanti Prakash

Romance

एक बार तो मुस्करा दो

एक बार तो मुस्करा दो

1 min
291


ज़िंदगी के इस मोड़ पर

एक बार तो मुस्कुरा दो

क्योंकि

तेरे प्यार के नशे में यही

ख़्वाब पलकों में रहता है

और

इतनी सी ख़्वाहिश मेरी

तेरा आईना बस

मेरी आँखों में हो

और तेरी चाहते

मेरी मंज़िल बने

यूँ तो आप,आप और आप भी

खूब पहचानते हो

कभी कभी

मुस्कराहटों का दर्द

बड़ा खामोश होता है

इसलिए दर्द समझने

को सिर्फ

आँखों का आईना ही चाहिए

जहाँ हर चुभन दस्तक देती हो

इसलिए ख़्वाहिश मेरी

तेरा आईना.... बस

मेरी आँखों में ही हो


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance