me Basant
Drama
अब कौन
चाहता है
एक और एक
ग्यारह होना
यह तो
पुराने जमाने की
बातें हैं
पढ़ने में ही
लगती है
अच्छी
अब तो
हम दो
हमारे दो
ग्यारह को तो
देखकर ही
सभी
नौ दो ग्यारह
होना चाहते।
हत्यारे
नदी की आत्म...
बैल को हमने
हे सखी
एक और एक ग...
पत्र जो लिख...
कौन हो तुम
प्यार
डस्टबिन
पाप का घड़ा
जानती हूँ मैं.. वो मुझे तलाश रहा है इन तस्वीरों में पर...! जानती हूँ मैं.. वो मुझे तलाश रहा है इन तस्वीरों में पर...!
यकीं कर हम जीतेंगे ये लड़ाई..! आज कर लो ख़ुद के लिए कड़ाई..! यकीं कर हम जीतेंगे ये लड़ाई..! आज कर लो ख़ुद के लिए कड़ाई..!
खोया हुआ था मैं। एक झूठी अंजाम में। खोया हुआ था मैं। एक झूठी अंजाम में।
किसी को शादी का टेंशन, किसी को बरबादी का टेंशन, किसी को शादी का टेंशन, किसी को बरबादी का टेंशन,
खुद के अंदर झाँका नहीं हम पर उठाते हे सवाल. खुद के अंदर झाँका नहीं हम पर उठाते हे सवाल.
लो ! ऐसे ही शब्दों में वर्णन किया जा सकता है प्रेम। लो ! ऐसे ही शब्दों में वर्णन किया जा सकता है प्रेम।
आज तुम्हारी ज़रूरत थी कमज़ोरी में कह नहीं पाई आज तुम्हारी ज़रूरत थी कमज़ोरी में कह नहीं पाई
मिट रहा मांग का सिंदूर, नम आंखों संग बेटा तैयार कर रहा "चिता" को लकड़ियां। मिट रहा मांग का सिंदूर, नम आंखों संग बेटा तैयार कर रहा "चिता" को लकड़ियां।
अलहदा...। अलहदा...।
गरीब को वर्तमान की दो जून की रोटी का फ़िक्र है। गरीब को वर्तमान की दो जून की रोटी का फ़िक्र है।
अपना जीवन लगाके है दाँव में आया धरम फकीरा तेरे गाँव में। अपना जीवन लगाके है दाँव में आया धरम फकीरा तेरे गाँव में।
परिवार और नौकरी के पाटों बीच ऐसी पिसी मैं नौकरी छूट गई मुझसे, जो थी मेरी अभिमान परिवार और नौकरी के पाटों बीच ऐसी पिसी मैं नौकरी छूट गई मुझसे, जो थी मेरी अभि...
परिवार सभी छोटे होते जा रहे , फर्ज अदा करने से घबरा रहे।। परिवार सभी छोटे होते जा रहे , फर्ज अदा करने से घबरा रहे।।
फिक्र तो बहुत है, मुझे मित्र तेरी तू मेरा शीशा है, में हूं तस्वीर तेरी। फिक्र तो बहुत है, मुझे मित्र तेरी तू मेरा शीशा है, में हूं तस्वीर तेरी।
ये रिश्ता ही कुछ ऐसा है, इस रिश्ते का कोई मोल नहीं...! ये रिश्ता ही कुछ ऐसा है, इस रिश्ते का कोई मोल नहीं...!
पेड़ लगाये पर्यावरण स्वच्छ बनाये। स्वच्छ, स्वस्थ जीवन की तरफ कदम बढ़ायेl पेड़ लगाये पर्यावरण स्वच्छ बनाये। स्वच्छ, स्वस्थ जीवन की तरफ कदम बढ़ायेl
आज है वक्त तो आओ पा लो प्रिय पेड़ पर प्रेम का फल रहे ना रहे। आज है वक्त तो आओ पा लो प्रिय पेड़ पर प्रेम का फल रहे ना रहे।
जो सच बोलते है, साखी लब उन्हें आज नहीं मिलता है, रब जो सच बोलते है, साखी लब उन्हें आज नहीं मिलता है, रब
तू चाहे तो, उसका जीवन चुरा ले। ज़िन्दगी जी भरके, सता ले….. तू चाहे तो, उसका जीवन चुरा ले। ज़िन्दगी जी भरके, सता ले…..
हर धुन में ज्वाला का सा प्रतीत होऊंगा चाहें बुझी हो भीतर की आग अभी। हर धुन में ज्वाला का सा प्रतीत होऊंगा चाहें बुझी हो भीतर की आग अभी।