me Basant
Drama
अब कौन
चाहता है
एक और एक
ग्यारह होना
यह तो
पुराने जमाने की
बातें हैं
पढ़ने में ही
लगती है
अच्छी
अब तो
हम दो
हमारे दो
ग्यारह को तो
देखकर ही
सभी
नौ दो ग्यारह
होना चाहते।
हत्यारे
नदी की आत्म...
बैल को हमने
हे सखी
एक और एक ग...
पत्र जो लिख...
कौन हो तुम
प्यार
डस्टबिन
पाप का घड़ा
भोली-भाली नटखट, अल्हड़ तू कमाल, तेरी सादी काया की, क्या दूँ मैं मिसाल। भोली-भाली नटखट, अल्हड़ तू कमाल, तेरी सादी काया की, क्या दूँ मैं मिसाल।
तभी से प्रति वर्ष यह होली का शुभ पर्व है मनाया जाता। तभी से प्रति वर्ष यह होली का शुभ पर्व है मनाया जाता।
जब जब मुझे देखा तुम्हें उसकी बेवफ़ाई ही याद आई। जब जब मुझे देखा तुम्हें उसकी बेवफ़ाई ही याद आई।
वक्त ने सितम ऐसा ढाया। वक्त तेरे देने का आया। वक्त ने सितम ऐसा ढाया। वक्त तेरे देने का आया।
जो पत्नी माने है, बराबर साझीदार वो गाड़ी पहुंचती है, नित स्वर्गद्वार जो पत्नी माने है, बराबर साझीदार वो गाड़ी पहुंचती है, नित स्वर्गद्वार
अनंत की राह में। चिंतन की चाह में। अनंत की राह में। चिंतन की चाह में।
बहुत चालाकी से अपना मुँह फेर लेते हो । बहुत चालाकी से अपना मुँह फेर लेते हो ।
आदर्श संस्कार अपनी अमीरता है देश की संस्कृति को बचाना है ! आदर्श संस्कार अपनी अमीरता है देश की संस्कृति को बचाना है !
हमसे मीठे मीठे फल खाने से वंचित रह जाओगे। हमसे मीठे मीठे फल खाने से वंचित रह जाओगे।
हारा नहीं, जो जगा हूँ आज...! हारा नहीं, जो जगा हूँ आज...!
वो न होते, कहाँ से लाते कृतज्ञता, कर्म लौ हुजूर है।। वो न होते, कहाँ से लाते कृतज्ञता, कर्म लौ हुजूर है।।
जीवन को जीते रहने का ये, हुनर कहाँ से लाती हो तुम ? जीवन को जीते रहने का ये, हुनर कहाँ से लाती हो तुम ?
मुलाक़ात हो जाने के बाद भी अनदेखा कर देंगे. मुलाक़ात हो जाने के बाद भी अनदेखा कर देंगे.
कभी जिनके लिए हमने फूलों की सेज सजाई थी। कभी जिनके लिए हमने फूलों की सेज सजाई थी।
एक भँवर ने नाव को पलटाया याद कुछ और शेष नहीं एक भँवर ने नाव को पलटाया याद कुछ और शेष नहीं
लड़ाई लड़ता अफ़ग़ानों के खिलाफ कई उन्हें पश्चिमी पंजाब की ओर भगाया था लड़ाई लड़ता अफ़ग़ानों के खिलाफ कई उन्हें पश्चिमी पंजाब की ओर भगाया था
तो वह दिल और रूह देकर। सिर्फ़ कोई मांगे निशानी। तो वह दिल और रूह देकर। सिर्फ़ कोई मांगे निशानी।
प्रेम गहन है...तो मजबूरी में प्रेम विरल है...तो मगरूरी में प्रेम गहन है...तो मजबूरी में प्रेम विरल है...तो मगरूरी में
आईने से तो कहते दिल के हर अरमान यही तो होता हल्का दर्द का समान आईने से तो कहते दिल के हर अरमान यही तो होता हल्का दर्द का समान
मेरी ख़ामोशी का मतलब समझ जाना नहीं अच्छा। मेरी ख़ामोशी का मतलब समझ जाना नहीं अच्छा।