me Basant
Drama
अब कौन
चाहता है
एक और एक
ग्यारह होना
यह तो
पुराने जमाने की
बातें हैं
पढ़ने में ही
लगती है
अच्छी
अब तो
हम दो
हमारे दो
ग्यारह को तो
देखकर ही
सभी
नौ दो ग्यारह
होना चाहते।
हत्यारे
नदी की आत्म...
बैल को हमने
हे सखी
एक और एक ग...
पत्र जो लिख...
कौन हो तुम
प्यार
डस्टबिन
पाप का घड़ा
फिर तुम्हीं कहो इसका भविष्य क्या होता ? फिर तुम्हीं कहो इसका भविष्य क्या होता ?
इसीलिए तो वह मेरी बेटी भी है और माँ भी। इसीलिए तो वह मेरी बेटी भी है और माँ भी।
लंका में अग्निकांड भी मैं था लंका में अग्निकांड भी मैं था
एक पार्टी का नेता बोला मैं सरकार से कह कर आपके लिए पक्के मकान बनवा दूंगा। एक पार्टी का नेता बोला मैं सरकार से कह कर आपके लिए पक्के मकान बनवा द...
इसी से ही जीवन में उन्नति खुशहाली है आनी क्योंकि धरती और मैं विश्व की महतारी हूँ इसी से ही जीवन में उन्नति खुशहाली है आनी क्योंकि धरती और मैं विश्व की महतारी ...
वादा है, हमारा हम सब से, वक्त से आगे, बढ़ कर दिखाएंगे। वादा है, हमारा हम सब से, वक्त से आगे, बढ़ कर दिखाएंगे।
विशेष बन गये हो या शेष भी नहीं रहे हो रोब है किसी पर या विरोधी बना लिये हो विशेष बन गये हो या शेष भी नहीं रहे हो रोब है किसी पर या विरोधी बना लिये हो
खुद्दारी के दामन में उनका ही दम घुटता है। जो चापलूसी से सांसो का रिश्ता रखता है। खुद्दारी के दामन में उनका ही दम घुटता है। जो चापलूसी से सांसो का रिश्ता रखता ...
धन, अनाज धातु उगाने का हुनर मुझे याद अब भी है। धन, अनाज धातु उगाने का हुनर मुझे याद अब भी है।
कई बार दोस्तों से खेल खेल में कट्टी और फिर अब्बा किया करते थे कई बार दोस्तों से खेल खेल में कट्टी और फिर अब्बा किया करते थे
और यही सोच रही है कि कितना कुछ पकाया मैंने इस आंच में। और यही सोच रही है कि कितना कुछ पकाया मैंने इस आंच में।
शाम की चाय साथ पीने वाला काश कोई साथी होता, उम्र के इस पड़ाव में काश कोई हमदम होता। शाम की चाय साथ पीने वाला काश कोई साथी होता, उम्र के इस पड़ाव में काश कोई हमद...
ना जाने क्या है जो मुझे जाने नहीं देता, एक एहसास है जो तुमसे दूर होने नहीं देता। ना जाने क्या है जो मुझे जाने नहीं देता, एक एहसास है जो तुमसे दूर होने नहीं द...
माँ आज भी चूल्हे पर बैठी गुड़ की चाय बना रही है माँ आज भी चूल्हे पर बैठी गुड़ की चाय बना रही है
अम्मा क्या गई, कुछ दिनों के वास्ते अपनी अम्मा के घर ! अम्मा क्या गई, कुछ दिनों के वास्ते अपनी अम्मा के घर !
रोचक शास्त्र मैं वर्तमान की वार्ता कहता हूँ रोचक शास्त्र मैं वर्तमान की वार्ता कहता हूँ
क्यूँकि वो नाजायज़ था क्यूँकि वो नाजायज़ था
जिसे दिल से चाहोगे उसे खो मत देना, क्योंकि, फिर नाराज तुम मुझसे नहीं खुद से हो जाओगे जिसे दिल से चाहोगे उसे खो मत देना, क्योंकि, फिर नाराज तुम मुझसे नहीं खुद से ह...
प्यार में हमेशा कोई न कोई पागलपन होता है, परन्तु साथ ही हमेशा पागलपन में कुछ कारण भी प्यार में हमेशा कोई न कोई पागलपन होता है, परन्तु साथ ही हमेशा पागलपन में कुछ...
मुझे माफ करना जो तुमको रुलाया कभी भूले से तेरा दिल जो दुखाया मुझे माफ करना जो तुमको रुलाया कभी भूले से तेरा दिल जो दुखाया