me Basant
Classics
पाप
का घड़ा
पहले भरता था।
फूटता भी था
मगर अब
वैज्ञानिक युग है।
घड़ा
स्ट्रेचेबल हो गया है
जितना
भरना चाहो।
भरते रहो
वह
फूटेगा नहीं
हत्यारे
नदी की आत्म...
बैल को हमने
हे सखी
एक और एक ग...
पत्र जो लिख...
कौन हो तुम
प्यार
डस्टबिन
पाप का घड़ा
जो अपनों के साथ मजबूती से खड़ा रहे, वही होता है परिवार। जो अपनों के साथ मजबूती से खड़ा रहे, वही होता है परिवार।
यही है सबकी जिम्मेदारी करो अब इसमें भागीदारी। यही है सबकी जिम्मेदारी करो अब इसमें भागीदारी।
प्यार से आते पास सभी एक बार प्यार से इनको अपने गले लगाकर तो देखो। प्यार से आते पास सभी एक बार प्यार से इनको अपने गले लगाकर तो देखो।
लाखों में सांसों को खरीद बैठा आज यहां हर कोई भूखा और गरीब बैठा। लाखों में सांसों को खरीद बैठा आज यहां हर कोई भूखा और गरीब बैठा।
अगर वो चाहते हैं दिल से हमको, तो कभी उनका दिल तोड़ना नहीं आया।। अगर वो चाहते हैं दिल से हमको, तो कभी उनका दिल तोड़ना नहीं आया।।
यूसुफकल्ली ओपी वही स्थान। वह कीट समाज। यूसुफकल्ली ओपी वही स्थान। वह कीट समाज।
तुम संस्कार देना तुम फ़रिश्ते आसमां की छेड़ो प्रेम तराना गौरैया तुम फिर फिर आना। तुम संस्कार देना तुम फ़रिश्ते आसमां की छेड़ो प्रेम तराना गौरैया तुम फि...
भाव भावना की अनुभूति अनुभव रिश्तो खुशियों का परिवार समाज प्राणि प्रकृति ब्रह्मांड।। भाव भावना की अनुभूति अनुभव रिश्तो खुशियों का परिवार समाज प्राणि प्रकृति...
एक नई उमंग के साथ, आज फिर मचलने दो। एक नई उमंग के साथ, आज फिर मचलने दो।
माँ करुणा दया की मूर्ति है, सारे जग में उनकी कीर्ति है। माँ करुणा दया की मूर्ति है, सारे जग में उनकी कीर्ति है।
जब लगी हो प्यास, तब खाना लगता है बिल्कुल बकवास। जब लगी हो प्यास, तब खाना लगता है बिल्कुल बकवास।
और कुछ खुदगर्ज़ सिर्फ़ कफ़न बेच रहा है।। और कुछ खुदगर्ज़ सिर्फ़ कफ़न बेच रहा है।।
रंजो ग़म की स्याही में शायद न यूं हम बह पाते। रंजो ग़म की स्याही में शायद न यूं हम बह पाते।
ऐ आसमाँ तुझे देख हों जाती हैं अक्सर मेरी आँखें नम पर हर आँसू में छिपी जीने की एक आस ऐ आसमाँ तुझे देख हों जाती हैं अक्सर मेरी आँखें नम पर हर आँसू में छिपी जीने ...
ये संसार रीत न हो धरती पर सिंगार अधूरा है। ये संसार रीत न हो धरती पर सिंगार अधूरा है।
लौट आओ जफ़ा नहीं करना। थाम लो जिंदगी चपल सी है। लौट आओ जफ़ा नहीं करना। थाम लो जिंदगी चपल सी है।
अब उठ भर दो हुकांर मानवता की रक्षा हेतु ले लो इक नया अवतार। अब उठ भर दो हुकांर मानवता की रक्षा हेतु ले लो इक नया अवतार।
थोड़ा हँसने और थोड़ा हँसाने का मन है। थोड़ा हँसने और थोड़ा हँसाने का मन है।
दोनों है एक दूजे के संग चाहे हो मार्ग में कितनी भी बाधा। दोनों है एक दूजे के संग चाहे हो मार्ग में कितनी भी बाधा।
जिसने हर त्योहार, हर पल, खुद जल कर उजाला दिया है। जिसने हर त्योहार, हर पल, खुद जल कर उजाला दिया है।