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neha sharma

Romance Tragedy

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neha sharma

Romance Tragedy

एहसास तक ना हुआ

एहसास तक ना हुआ

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जो मेरा गुरुर था

वो गुरुर टूट गया

रहती थी जिस शहर में

वो शहर छूट गया

करती थी प्यार जिससे

उस प्यार का साथ छूट गया

वक्त का खेल है या

नसीब मेरा खराब है

जो भी शख्स मिला

ऐसा ही मिला

मै अपना समझती गई

वो बेगानो सा समझता रहा

पलभर में ही छोड़ गया

जिस खुशी की तलाश थी मुझे

उसका तो एहसास तक ना हुआ,,,।।



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