Moren river
Classics
तेरे द्वेष में
इतना दम है
तो तेरे राग में
कितना होगा !
बस !
अब तो
मैं
तेरा
राग देखना
चाहता हूँ।
अटल बिहारी व...
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तेरी ही सीखों आदर्शो पर साँसों धड़कन की दुनिया मेरी चलती। तेरी ही सीखों आदर्शो पर साँसों धड़कन की दुनिया मेरी चलती।
जिनकी वजह से वजूद मेरा है कैसे उनके लिए मैं चलूं। जिनकी वजह से वजूद मेरा है कैसे उनके लिए मैं चलूं।
बेचारा दिल मेरा, बेचारा ही रह गया।। बेचारा दिल मेरा, बेचारा ही रह गया।।
श्री कृष्ण ने अपनी दिव्य शक्ति को खुले तौर पर, स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया था । श्री कृष्ण ने अपनी दिव्य शक्ति को खुले तौर पर, स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया था ...
एक बार दिल का ऐतबार कर लो एक बार दिल का ऐतबार कर लो। एक बार दिल का ऐतबार कर लो एक बार दिल का ऐतबार कर लो।
मुक्त हुए वो इस संसार से भगवान् भजन करें वन में जाकर वो। मुक्त हुए वो इस संसार से भगवान् भजन करें वन में जाकर वो।
सर ना उठाये फिर से रावण, करनी अब तैयारी है नहीं तो भ्रष्टाचार नहीं मिटने का, यह तो बड़ी सर ना उठाये फिर से रावण, करनी अब तैयारी है नहीं तो भ्रष्टाचार नहीं मिटने का, ...
यह सब जन व्यक्ति खुद में बिजी रहत है। यह सब जन व्यक्ति खुद में बिजी रहत है।
ना चीनी कम ना नमक है ज्यादा थोड़ा चश्मा बदलो तो सब है बराबर। ना चीनी कम ना नमक है ज्यादा थोड़ा चश्मा बदलो तो सब है बराबर।
जल्दी से फिर वो चाय लेके फिर जल्दी से आ गए। चाय के हसीन वो पल आज फिर से छा गए। जल्दी से फिर वो चाय लेके फिर जल्दी से आ गए। चाय के हसीन वो पल आज फिर ...
जेठ असाढ़ में जो सूख गयीं थीं उमड़ रही छोटी नदियां वो जेठ असाढ़ में जो सूख गयीं थीं उमड़ रही छोटी नदियां वो
होती होंगी बदचलन, चरित्रहीन, बेशर्म, आवारा, छोड़ी हुई... होती होंगी बदचलन, चरित्रहीन, बेशर्म, आवारा, छोड़ी हुई...
आप आज भी है साथ मेरे कौन कहता है कि आप अब है नहीं ! I love u Papa . आप आज भी है साथ मेरे कौन कहता है कि आप अब है नहीं ! I love u Papa .
नदियों में जल भरा हुआ था कमल खिल रहे भांति भांति के नदियों में जल भरा हुआ था कमल खिल रहे भांति भांति के
बलराम जी तो पहले से ही प्रभाव जानते थे कृष्ण का बलराम जी तो पहले से ही प्रभाव जानते थे कृष्ण का
परहित कर विषपान, महादेव जग के बने। सुर नर मुनि गा गान, चरण वंदना नित करें।। परहित कर विषपान, महादेव जग के बने। सुर नर मुनि गा गान, चरण वंदना नित करें।।
मेरा बुढ़ापा सार्थक है वरना, इनके बिना तो मेरा जीना ही निष्क्रिय है निष्काम है.... मेरा बुढ़ापा सार्थक है वरना, इनके बिना तो मेरा जीना ही निष्क्रिय है निष्काम...
कुछ लेकर नहीं जाता तब क्यों नहीं वह मानवता का धर्म निभाता ) कुछ लेकर नहीं जाता तब क्यों नहीं वह मानवता का धर्म निभाता )
नजरिया तरक्की ताकत मुस्कुराहट बनाना साथी हाथ बढ़ाना एक दूजे का मिककर बोझ उठाना।। नजरिया तरक्की ताकत मुस्कुराहट बनाना साथी हाथ बढ़ाना एक दूजे का मिककर बोझ उठाना।।
दिखाने को मन में आया उसने धरती पे "माँ " को बनाया। दिखाने को मन में आया उसने धरती पे "माँ " को बनाया।