Moren river
Inspirational
तेरे द्वेष में
इतना दम है
तो तेरे राग में
कितना होगा !
बस
अब तो
मैं तेरा
राग देखना
चाहता हूँ।
अटल बिहारी व...
छद्म भूमिकाओं...
खेल भावनाओं क...
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कल से कल सँवा...
शिक्षक
एक शिक्षक#©डॉ...
द्वेष
मज़दूर की व्यथ...
ये कविता पिता और परिवार के रिश्तों का आयना है । ये कविता पिता और परिवार के रिश्तों का आयना है ।
मैं फूलों सा ही खिलता हूँ मैं दीपक हूँ, मैं जलता हूँ। मैं फूलों सा ही खिलता हूँ मैं दीपक हूँ, मैं जलता हूँ।
लाखों पीड़ा ह्रदय में समेटे तुम सब का बिहार हूँ मैं! लाखों पीड़ा ह्रदय में समेटे तुम सब का बिहार हूँ मैं!
ताज के आम हीरो ' (Based on the events of 26/11) ताज के आम हीरो ' (Based on the events of 26/11)
रोम रोम को झंकृत कर देने की शक्ति समाहित किये हुऐ आपके प्रिय कवि विद्रोही का श्रृंगार और करुण रस का ... रोम रोम को झंकृत कर देने की शक्ति समाहित किये हुऐ आपके प्रिय कवि विद्रोही का श्र...
बना हुआ है सबके मन में अपना ही एक संसार उतना ही ये फैलता जितने आते रहते हैं विचार। बना हुआ है सबके मन में अपना ही एक संसार उतना ही ये फैलता जितने आते रहते हैं व...
तुम दर्द को मुस्कराहट में दबा दो, तुम हर गम को दिल से हटा दो। तुम दर्द को मुस्कराहट में दबा दो, तुम हर गम को दिल से हटा दो।
हौसलों की उड़ान में, इरादों को मकसद बनाकर तो देखो; प्रगति पथ पर तुम, हिम्मत से कदम उठाकर तो देखो... हौसलों की उड़ान में, इरादों को मकसद बनाकर तो देखो; प्रगति पथ पर तुम, हिम्मत से क...
खुद को पहचानो और खुद के लिए जगह बनाओ। खुद को पहचानो और खुद के लिए जगह बनाओ।
कहानी थी, अँधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी, टके सेर खाजा I कहानी थी, अँधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी, टके सेर खाजा I
जो अँधेरा मुझे निगल गया था वही मेरी बच्ची के भविष्य की ओर बढ़ रहा था लेकिन अब मेरे विद्रोह के ज्वाल... जो अँधेरा मुझे निगल गया था वही मेरी बच्ची के भविष्य की ओर बढ़ रहा था लेकिन अब म...
, आज़ाद सही मायनों में और फिर से मनाययेगें उत्सव स्वतंत्रता का। , आज़ाद सही मायनों में और फिर से मनाययेगें उत्सव स्वतंत्रता का।
मैं भी खुद से विमुख खुद की जड़ें ढूँढने लगती हूँ ...।। मैं भी खुद से विमुख खुद की जड़ें ढूँढने लगती हूँ ...।।
वक़्त का दामन थामे रहना ये जीवन का सार मत करो। वक़्त का दामन थामे रहना ये जीवन का सार मत करो।
ना जाने कैसे उसकी माँ रात भर सोए होगी, उसके सीने में गोली लगने से पहले वो रोई होगी। ना जाने कैसे उसकी माँ रात भर सोए होगी, उसके सीने में गोली लगने से पहले वो रो...
हो भाग्यहीन तुम, नहीं जन्मीं कन्या तुमने, कन्यादान है महादान। हो भाग्यहीन तुम, नहीं जन्मीं कन्या तुमने, कन्यादान है महादान।
ये कविता उन सब लोगों को समर्पित है जो अपंग होते भी ज़िन्दगी से हार नहीं मानते, डटे रहते हैं, ज़िन्दगी... ये कविता उन सब लोगों को समर्पित है जो अपंग होते भी ज़िन्दगी से हार नहीं मानते, ड...
मुस्कराकर अपनी ही ख्वाहिशों को तोड़ देता है शायद उसे ही पिता कहते हैं। मुस्कराकर अपनी ही ख्वाहिशों को तोड़ देता है शायद उसे ही पिता कहते हैं।
भक्ति में प्रभु रंग में रंग जाना प्यार है राम नाम से जिंदगी का सार पाना प्यार है। भक्ति में प्रभु रंग में रंग जाना प्यार है राम नाम से जिंदगी का सार पाना प्यार ...
छत की सरजमी भी बड़ी प्यारी है जनाब, दिखाती है नजरों को दिन में ख्वाब। छत की सरजमी भी बड़ी प्यारी है जनाब, दिखाती है नजरों को दिन में ख्वाब।