STORYMIRROR

अशोक जोशी

Romance Fantasy

4  

अशोक जोशी

Romance Fantasy

दर्दे दिल

दर्दे दिल

1 min
322

अपने दर्द को सीने में छुपाएं बैठे हैं

मन में लगीं है आग उसे


सीने में जलाएं बैठे है

यह दर्द अब संभलता नहीं हमसे


कोई तो सहारा दे दो

मेरे अश्कों को ऐसे ही बहने दो यारों


गर कहा हमसे तो पी लूंगा इन्हें

दर्दे दिल बयां करने का एक तो मौका दे दो।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance