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अशोक जोशी

Romance Fantasy

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अशोक जोशी

Romance Fantasy

दर्दे दिल

दर्दे दिल

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अपने दर्द को सीने में छुपाएं बैठे हैं

मन में लगीं है आग उसे


सीने में जलाएं बैठे है

यह दर्द अब संभलता नहीं हमसे


कोई तो सहारा दे दो

मेरे अश्कों को ऐसे ही बहने दो यारों


गर कहा हमसे तो पी लूंगा इन्हें

दर्दे दिल बयां करने का एक तो मौका दे दो।


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