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khushboo gupta

Drama Tragedy

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khushboo gupta

Drama Tragedy

दफना जाओ

दफना जाओ

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भरी आँखों से मनाये तो तुम मान जाओ गए क्या,

दिल में कितना है दर्द तुम जान पाओ गए क्या

कहो तो तुम्हारे पैरो में गिर जाये,

बस छोड़ के न जाओ इतना मान जाओ गए क्या


तुम्हारे हैं तो खातिर दुनिया से मुंह मोड़ा था हमने

तुम्हारे हैं तो खातिर दुनिया से मुंह मोड़ा था हमने

अब तुम मुंह मोड़ लोगे,

तो जी पायेंगे हम क्या


अगर जाना ही है हमें छोड़ तुम्हें,

अगर जाना ही है हमें छोड़ तुम्हें तो चले जाओ,

बस आखरी ख्वाहिश तुम मान जाओ,

जाते जाते हमारे जिस्म को तुम दफना जाओ


कोई नहीं है अब हमारा तुम्हारे सिवा,

कोई नहीं है अब हमारा तुम्हारे सिवा,

अपने नए महबूब के ओर बढ़ते बढ़ते,

तुम हमारा किस्सा सदा के लिए दफ़ना जाओ


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