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Achyut Umarji

Drama

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Achyut Umarji

Drama

ऋतु

ऋतु

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मौसम है बरीश का 

और याद तुम्हारी आती है...


बारीश के हर 

कतरे से आवाज तुम्हारी आती है...


बादल जब गर्जते है

दिल की धडकन बढ़ जाती है...


दिल की हर एक 

धडकन से आवाज तुम्हारी आती है...


जब तेज हवाऐं 

चलती है तो जान हमारी जाती है...

मौसम है बारिश का और याद तुम्हारी आती है..


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