RASHI SRIVASTAVA
Drama
सच्चे मित्र, झूठी तारीफों, के न फूल बरसाते हैं
वे तो बेबाकी से आईना, सच का हमें दिखाते हैं
अहंकार, गलतफहमी के रोग दूर हो जाते हैं
जैसे ही आलोचना की, हमें कड़वी दवा पिलाते हैंI
हमसफ़र
इश्क
तन्हाइयां
हमारा क्या है
दिल भी तेरा ज...
हर नए साल यहा...
राखी का धागा
तब ज़माना बदल...
भाई का प्यार
सावधानी
क्या शिकायत करती उस रब से जिस इंतजार में दीदार की धुन थी। क्या शिकायत करती उस रब से जिस इंतजार में दीदार की धुन थी।
कभी आसमान पर , कभी ज़मी पर चला है ज़िंदगी पानी का बुलबुला है। कभी आसमान पर , कभी ज़मी पर चला है ज़िंदगी पानी का बुलबुला है।
भाषणों से फिर वे जनता को बहकाए हैं। पहचानो जरा, अरे नेता जी आए हैं। भाषणों से फिर वे जनता को बहकाए हैं। पहचानो जरा, अरे नेता जी आए हैं।
दर्द से घायल बना हूँ, जख्म आकर मिटाले। दर्द से घायल बना हूँ, जख्म आकर मिटाले।
रविवार को छुट्टी होती थी जब भी भर लाती मैं वहां से जरूरी सामान। रविवार को छुट्टी होती थी जब भी भर लाती मैं वहां से जरूरी सामान।
जिसका न कोई आरंभ है और ना कोई अंत है। जिसका न कोई आरंभ है और ना कोई अंत है।
कब आके महारास में नचावे, याद मुझको तेरी आवे। कब आके महारास में नचावे, याद मुझको तेरी आवे।
पास अपने सनम जब बिठा ना सको पास अपने बुलाना नहीं चाहिए। पास अपने सनम जब बिठा ना सको पास अपने बुलाना नहीं चाहिए।
यमुना तीरे बाट देखत हुं, रास रचाऊं भारी। यमुना तीरे बाट देखत हुं, रास रचाऊं भारी।
यार करनी नहीं थी मोहब्बत हमें ये मुहब्बत मेरे यार पर हो गई यार करनी नहीं थी मोहब्बत हमें ये मुहब्बत मेरे यार पर हो गई
अबकी बारी नजदीक होकर भी तन बहुत दूर था। अबकी बारी नजदीक होकर भी तन बहुत दूर था।
यही सोचकर हम ग़ज़ल कह रहे है ग़ज़ल से बड़ा भी तराना नहीं था यही सोचकर हम ग़ज़ल कह रहे है ग़ज़ल से बड़ा भी तराना नहीं था
खो गई है मोहब्बत कहीं, दिल में आज ग़म ही ग़म भरे हैं, खो गई है मोहब्बत कहीं, दिल में आज ग़म ही ग़म भरे हैं,
तेरे प्रेम की बरसात लिखू या लिखूं बात ना हो तब होती पानखर। तेरे प्रेम की बरसात लिखू या लिखूं बात ना हो तब होती पानखर।
दुनिया की इस महफिल में बदनाम किया, उसे बदनाम किया। दुनिया की इस महफिल में बदनाम किया, उसे बदनाम किया।
आप हमारे है, हम आपके इसका बात का बड़ा उदाहरण था। आप हमारे है, हम आपके इसका बात का बड़ा उदाहरण था।
हुआ कुछ नहीं दिल मुतमईन ऐसा गमों पर धरम तुम ग़ज़ल गा रहे हो। हुआ कुछ नहीं दिल मुतमईन ऐसा गमों पर धरम तुम ग़ज़ल गा रहे हो।
बाहर की थकावट घर पहुँच दूर होती है, हृदय को शक्ति प्रदान कर सशक्त बनाता है। बाहर की थकावट घर पहुँच दूर होती है, हृदय को शक्ति प्रदान कर सशक्त बनाता है।
तू राधा संग नाचनेवाला, ओ रास विहारीलाला। तू राधा संग नाचनेवाला, ओ रास विहारीलाला।
भगवान तेरी माया, हाथ तो आया पर मुँह न लगा है। भगवान तेरी माया, हाथ तो आया पर मुँह न लगा है।