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नविता यादव

Romance

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नविता यादव

Romance

दोस्तों के नाम

दोस्तों के नाम

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सांसों से सांसे जुड़ी हों जैसे

मुकद्दर से जैसे मिली हो तुम मुझे

आंखो के तानेबाने में सब अल्फ़ाज़ कह जाती हो

दूर हो पर दिल के करीब रहती हो।


रिश्ते खून के ही नहीं मजबूत होते हैं ,

दोस्ती के रिश्ते हर रिश्ते से बड़े होते हैं

किसी महफ़िल की जरूरत नहीं पड़ती 

मजे उड़ाने के लिए,,,,

हर वो पल महफ़िल से बड़ा बन जाता है,

जब दोस्त खड़े होते हैं अंजुमन में।


हाले दिल बयां कर जाते हैं तब हम 

किसी न किसी को छेड़ जाते हैं तब हम

गमों के सागर को पार कर जाते है तब हम

बच्चों के साथ बच्चे बन खिलखिलाते हैं तब हम

सब कुछ भूल सिर्फ़ ठहाका लगा जोर जोर हंसते हैं तब हम।


दोस्तों के बिना जिंदगी बेरंग सी जान पड़ती है,

हर पल हर घड़ी जिंदगी रेगिस्तान सी लगती है

बहुत याद आती हैं उन सब की

मिलने के लिए दिल में तड़प जवां रहती है।



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