STORYMIRROR

Dr. Vijay Laxmi"अनाम अपराजिता "

Abstract Inspirational

4  

Dr. Vijay Laxmi"अनाम अपराजिता "

Abstract Inspirational

दोस्ती

दोस्ती

1 min
223

दोस्ती सच्ची, अनमोल है यह रिश्ता,

जोड़ता है दिलों को, ये एक गुलिस्तां


दोस्ती का रंग होता है खुशियों से भरा, 

गमों के साथ भी, यह रहे सोने सा खरा 


मुश्किल समय, दोस्त साथ खड़ा होता,

आपसी सहयोग से, हर शय सरल होता।


खुले दिल से किया जाए, सच्चा वादा,

हर दिल को रहेगा फिर याद ये तकादा ।


दूर हो, या पास सदा, दोस्ती की मिठास,

कभी नहीं छुपाये से छिपती यह प्यास ।


सच्चे दोस्त हमेशा होते सुखद यादगार,

उनसे मिलने की ख्वाहिश, करे बेकरार।

     



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract