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Kavita Sharrma

Abstract

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Kavita Sharrma

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दोस्ती-एक एहसास

दोस्ती-एक एहसास

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दोस्त जो साथ निभाए

सुख दुख भले ही आए-जाए


पैसों से न तोले दोस्ती

गुरबत में साथ रह जाए


दिल की बात साझा कर ले

भटकूं कभी तो हाथ पकड़ ले


जिस पर हक से गुस्सा कर लूं

तो भी मन पर बात न ले जाए


बेवक्त भी कभी बुलाऊं तो

बिना पूछे दौड़ा चला आए।


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