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Neeraj Kumar Agarwal

Drama Romance Inspirational

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Neeraj Kumar Agarwal

Drama Romance Inspirational

दो कदम पीछे एक कदम आगे.... रोमांस

दो कदम पीछे एक कदम आगे.... रोमांस

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आज भी वो यादों के साथ रहतीं हैं। बस, हमसफ़र भी कभी पूछतीं हैं। हम मुस्कुरा कर कह देते हैं। बचपन और जवानी ही जिंदगी होती हैं। हां सच स्कूल और कॉलेज के दिन ही हम सबके मन में उम्र भर उमंग भरते है।हच दो कदम पीछे एक कदम आगे शायद यही जिंदगी को जीना सिखाती हैं। हमारे भी संग साथ बचपन से पड़ोसी परिवार होते हैं। ऐसे ही हमारे मन मंदिर में एक हकीकत की राह चलते हैं। वो न हमसफ़र बन सकीं फिर भी दिल और मन‌ में आज भी उम्र को धोखा देती हैं। और हंसकर मुलाकात हो जाती हैं। बस हम ही नालायक निकले वो बीमारी के कारण कुछ महीने दूर क्या गयी। हमने बेवफ़ा समझ घर परिवार को विवाह की राह पर चल दिए।
              वो भी परिवार के साथ आयी बैसाखियों के साथ आंखों में चमक और बोली शायद अपाहिज प्यार में भी हो गये। आज वो अधिकारी हम सहयोगी बने यस मैम बोलते हैं। उसने अपने मन मंदिर में बसाया आज भी हमने कहां विवाह क्यों नहीं कर लेती हैं। मुस्कुराते हुए वो बोली हम आपके साथ हैं शरीर दूसरा पर मन में तुम हो। सच प्यार चाहत एक इंतज़ार और मन का निभाना होता हैं। अगर शादी के बाद हम या तुम अपाहिज हो जाते तो क्या होता........
       आंखों में आंसू छलक आते हैं। गले तो हम तुम आज भी मिल जाते हैं बस एक नारी दूसरी नारी को धोखा नहीं देती प्रेम में हम जी लेंगे तुम पत्नी को प्रेम हमें समझकर देना...... यही तो दो कदम पीछे एक कदम आगे...... रोमांस जिंदगी है।
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नीरज कुमार अग्रवाल चंदौसी उत्तर प्रदेश 


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