शीर्षक - आज होली
शीर्षक - आज होली
शीर्षक - आज होली
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जीवन और जिंदगी में होली मनाते हैं।
त्योहार और हालात हम कहते हैं।
मन और सोच हमारी अपनी होती है।
हां एक-दूसरे को हम रंग लगाते हैं।
आधुनिक रंगमंच पर होली मनाते हैं।
तेरे मेरे सपने मन के रंग उड़ाते हैं।
लाल पीला हरे रंग का गुलाल लगाते हैं।
हां तुम्हारी हमारी अपनी सोच होती है।
आज होली के रंग में हम-तुम कहते हैं।
दिल और दिल्लगी की मस्ती करते हैं।
आओ आज होली हम तुम मनाते हैं।
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नीरज कुमार अग्रवाल चंदौसी उत्तर प्रदेश

