शीर्षक - नई पीढी
शीर्षक - नई पीढी
शीर्षक - नई पीढ़ी
विधा - मुक्तक
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आधुनिक समय नई पीढ़ी हैं।
हम सच आज में सब जीते हैं ।
नई पीढ़ी के नये अंदाज होते हैं।
न उम्र न बंधन की सोच रखते हैं।
नई पीढ़ी का सच हम न समझते हैं।
हां, हम सभी को सहयोग करते है।
समय बदलेगा और हालात कहते हैं।
जीवन और जिंदगी में सफर होते हैं।
आज हम सभी मन में सोच रखते हैं।
हां मिश्रण की राह आज नई पीढ़ी हैं।
संग साथ और हम सभी के मन होते हैं।
नीरज शब्दों में नई पीढ़ी को लिखते हैं।
सच और सही विचारों में भेद रहते हैं।
नई पीढ़ी के संग में रंगमंच बदलते हैं।
अपने समय को हम बस याद करते हैं।
आओ सोचे नई पीढ़ी को समझते हैं।
अवसर और सहयोग नई पीढ़ी को देते हैं।
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नीरज कुमार अग्रवाल चंदौसी उत्तर प्रदेश
