STORYMIRROR

Bikramjit Sen

Abstract Drama

4  

Bikramjit Sen

Abstract Drama

मौका

मौका

1 min
227

नादानियां और मासूमियत

का कर इस्तेमाल


तर जा भवसिंधु, सिर्फ एक बार

खुशियाँ ही खुशियाँ होंगी अपरंपार


कृपानिधान की कृपादृष्टि, तेरे साथ।


साहित्याला गुण द्या
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract