STORYMIRROR

Bikramjit Sen

Abstract Drama

4  

Bikramjit Sen

Abstract Drama

मौका

मौका

1 min
228

नादानियां और मासूमियत

का कर इस्तेमाल


तर जा भवसिंधु, सिर्फ एक बार

खुशियाँ ही खुशियाँ होंगी अपरंपार


कृपानिधान की कृपादृष्टि, तेरे साथ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract