Rishabh Tomar
Tragedy
मालिक द्वारा अब तो रोज नई नई रोटियां फेंकी जा रही है
पुलिस चोर नहीं पुलिस न्यायालय की लड़ाई देखी जा रही है।
लाशों पर रोटियाँ सेकना तो आम बात थी अब तक देश मेम
अब तो धुएँ पे भी देखो जमकर के रोटियाँ सेकी जा रही है।
मेरे राम अब भ...
जूही का फूल
कोई भी नही अप...
तुम्हारा चंदर
धरती दिल की ...
जय जय भोले जय...
जनवरी औऱ तुम
मेरी राधिका
मौत तेरी बाहो...
रूह का तुम हो...
जानते हैं वे जल, जंगल, जमीन खोने का दर्द। जानते हैं वे जल, जंगल, जमीन खोने का दर्द।
क्यों कहें निज हस्त खुद को, मौत मुंह में टाँगते हैं ? क्यों कहें निज हस्त खुद को, मौत मुंह में टाँगते हैं ?
बस रिकार्ड बाबू हमे समझो बना कर रख दिया नई शिक्षा नीति ने शिक्षक को बाबू बना दिया। बस रिकार्ड बाबू हमे समझो बना कर रख दिया नई शिक्षा नीति ने शिक्षक को बाबू बना ...
अब पहले जैसा भी कुछ नहीं रहा बस खालीपन है आंखों में सबके और दिल में घोर सन्नाटे . अब पहले जैसा भी कुछ नहीं रहा बस खालीपन है आंखों में सबके और दिल में ...
प्यार एक तरफ हो या दो तरफ हो प्यार तो प्यार ही होता है ना प्यार एक तरफ हो या दो तरफ हो प्यार तो प्यार ही होता है ना
तुने कयूंँ न नज़र मिलाई मेरे साथ, <br>अब मै नजर कभी मिला पाउंगा नहीं। <br><br>तुने क्यूंँ न दिल मिला... तुने कयूंँ न नज़र मिलाई मेरे साथ, <br>अब मै नजर कभी मिला पाउंगा नहीं। <br><br>तु...
मैं तेरी-मेरी बातों के, अल्फ़ाज़ ही वापस लेती हूँ। थक आज गयी हूँ मैं इतना, कि थकान भी वापस लेती हूँ... मैं तेरी-मेरी बातों के, अल्फ़ाज़ ही वापस लेती हूँ। थक आज गयी हूँ मैं इतना, कि थ...
Kuchh yaadein hai Kuchh baatein hai Hai tau apne man mei Kyon lagta hai Kuchh yaadein hai Kuchh baatein hai Hai tau apne man mei Kyon lagta hai
#JusticeForPriyankaReddy पॉलिटिक्स का एक नया कारण बन गई, मेरी कहानी को निर्भया, अशिफ़ा के साथ जोड़ गय... #JusticeForPriyankaReddy पॉलिटिक्स का एक नया कारण बन गई, मेरी कहानी को निर्भया,...
हौले हौले से बढ़ते ये कदम, और इनमें बहुत सारा तेरा ग़म। हौले हौले से बढ़ते ये कदम, और इनमें बहुत सारा तेरा ग़म।
तड़पने वाले को उसके हाल पर छोड़कर निकल जाता हूँ मैं कुछ रूह का हिस्सा दफना कर आ जाता हू तड़पने वाले को उसके हाल पर छोड़कर निकल जाता हूँ मैं कुछ रूह का हिस्सा दफना कर ...
मन में कष्टों को बंधी किए, जीवन की एक उमंग हूं मैं, पुरुष हूं मैं। मन में कष्टों को बंधी किए, जीवन की एक उमंग हूं मैं, पुरुष हूं मैं।
सवाल है सत्ता में बैठे हुये हुक्मरानों से, क्यों नहीं बाज आते हो फालतू बयानों से। सवाल है सत्ता में बैठे हुये हुक्मरानों से, क्यों नहीं बाज आते हो फालतू बयानों...
हां दर्द दिल में उठता है..कैसे कह देते हो तुम फिर भी मैं पराई हूं। हां दर्द दिल में उठता है..कैसे कह देते हो तुम फिर भी मैं पराई हूं।
उसकी देह पर दो फटे पुराने कपड़े थे हाथ में एक रोटी का टुकड़ा..। उसकी देह पर दो फटे पुराने कपड़े थे हाथ में एक रोटी का टुकड़ा..।
जब जाती हूं थक... तो निकल जाती हूं घर से बाहर। जब जाती हूं थक... तो निकल जाती हूं घर से बाहर।
ज़िन्दगी साथ दे बेवफा है हर कोई हाथों में हाथ दे बेवफा है हर कोई जो जिये तेरे लिए कोई ऐसा नहीं दिखने... ज़िन्दगी साथ दे बेवफा है हर कोई हाथों में हाथ दे बेवफा है हर कोई जो जिये तेरे लि...
मैंने जो कुछ भी किया दोस्तों के खातीर मैं तो हूँ उनका शागिर्द , वो होगा शातीर जिसकी खाई रोटी उससे ... मैंने जो कुछ भी किया दोस्तों के खातीर मैं तो हूँ उनका शागिर्द , वो होगा शातीर ...
देखो रेल की पटरी के किनारे बनी ये बस्तियां, है उघड़े दरवाजे औ झांकती बंद खिड़कियां। देखो रेल की पटरी के किनारे बनी ये बस्तियां, है उघड़े दरवाजे औ झांकती बंद खिड़...
बस एक अजीब सी ख़ामोशी है यहाँ, एक ठहरा हुआ समय हो जैसे। बस एक अजीब सी ख़ामोशी है यहाँ, एक ठहरा हुआ समय हो जैसे।