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Pranita Meshram

Romance Classics

4  

Pranita Meshram

Romance Classics

"दिलबर मेरे"

"दिलबर मेरे"

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202

दिलबर मेरे कि हमसे यूं ना रूठा करो, 

पास आओ और दिल की बात तुम भी कहो

दिलबर मेरे.... 


तुमसे जुदा जो हो गए तो सह ना पाएंगे हम

अब तक दिल टूटा था अब खुद ही टूट जाएंगे हम 

बाहों में आज भर लो सनम की हँसी शाम हो ना हो

पास आओ और दिल की बात तुम कहो 

दिलबर मेरे कि हमसे यूं ना रूठा करो....


माना कि हैं सौ गलतियां माना कि भूल की है 

मगर तेरे वास्ते सज़ा भी तो मंजूर की है

हम हैं तुम्हारे और तुम हमारे हो बोल दो 

पास आओ और दिल की बात तुम कहो 

दिलबर मेरे... 


आंखों मे है नमी और होठों पर हंसी 

क्या नाम दूं इसको कह दे हमनशी 

निगाहों से फिर यूं तारों की बरसात हो ना हो, 

पास आओ और दिल की बात तुम कहो।


दिलबर मेरे कि हमसे यूं ना रूठा करो, 

पास आओ और दिल की बात तुम भी कहो

दिलबर मेरे.... 

गीत के धुन - लगजा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो...

फिल्म - वो कौन थी


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