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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance

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Dhanjibhai gadhiya "murali"

Romance

दिल से दिल

दिल से दिल

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इशारों में बात तुम कर रहे हो,

इशारा अब मुझे समझने दो,

तुम्हारे इश्क मे बहना चाहती हूं

मुझे अपनी बांहों में सिमटने दो।


इश्क की धड़कन सुनाते हो तुम,

मुझे इश्क का ताल मिलाने दो,

इश्क में मदहोश बनना चाहती हूं,

मुझे आपनी बांहों में सिमटने दो।


एतबार करती हूं तुम्हारे इश्क पर,

मुझे तुम दिल से महसूस करने दो,

तुम्हारी दिवानी बनना चाहती हूं,

मुझे अपनी बांहों में सिमटने दो।


अब न सताना और तड़पाना मुझे, 

इश्क का इम्तिहान करना छोड दो,

दिल से दिल को मिलाकर "मुरली",

मुझे अपनी बांहों में सिमटने दो।



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