STORYMIRROR

Sonal Bhatia Randhawa

Romance

4  

Sonal Bhatia Randhawa

Romance

दिल रैन बसेरा...

दिल रैन बसेरा...

1 min
623

तुम्हारे दिल की

अंजानी गलियों में

कही मेरा भी

छोटा सा रैन बसेरा है,


जहाँ एक जोड़ी नैना

हर पल यूँ ही

सूनी राहों को तकते हैं

अशकों से भर जाते हैं


फिर भी कभी ना थकते हैं

यूँ तो रहता अक्सर

गहरा बहुत अंधेरा है


पर कभी कभी जब

उन सूनी राहों पर

कदम तुम्हारे पड़ते हैं


रोशन हो उठती हैं गलियाँ

लगता हुआ सवेरा है

तुम्हारे दिल की

अंजानी गलियों में

कहीं मेरा भी

छोटा सा रैन बसेरा है।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance